UPI पर लागू होने वाले नए MDR (Merchant Discount Rate) नियम की तारीख आगे बढ़ सकती है। यह नियम पहले 15 अक्टूबर 2026 से लागू होना था, लेकिन अब इसे 1 जनवरी 2027 तक टालने का प्रस्ताव विचाराधीन है। अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है।
यूपीआई ट्रांजैक्शन पर लागू होने वाले नए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) फ्रेमवर्क की तारीख आगे बढ़ाई जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक, अब इसे 15 अक्टूबर 2026 के बजाय 1 जनवरी 2027 से लागू करने पर विचार किया जा रहा है। त्योहारी सीजन को देखते हुए व्यापारियों और डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को नए नियमों की तैयारी के लिए अतिरिक्त समय देने के उद्देश्य से यह बदलाव किया जा सकता है। हालांकि, अभी इस संबंध में कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
फ्रेमवर्क में बदलाव नहीं, सिर्फ तारीख बदलने की संभावना
फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित बदलाव सिर्फ लागू होने की तारीख से जुड़ा हो सकता है। सूत्रों का कहना है कि घोषित MDR फ्रेमवर्क में किसी तरह के बदलाव की संभावना नहीं है। फिलहाल नियमों के 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने की आधिकारिक तारीख तय है। अगर तारीख आगे बढ़ती है तो व्यापारियों और पेमेंट कंपनियों को सिस्टम और प्रक्रियाओं को तैयार करने के लिए अतिरिक्त समय मिल जाएगा।
छोटे व्यापारियों और P2P ट्रांजैक्शन पर MDR जीरो
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत छोटे व्यापारियों और व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) यूपीआई ट्रांजैक्शन पर MDR शून्य ही रहेगा। वहीं, 2,000 रुपये से अधिक के कुछ UPI व्यापारी लेनदेन पर 0.4 फीसदी तक MDR प्रस्तावित है। 75,000 रुपये या उससे अधिक के ट्रांजैक्शन पर अधिकतम 300 रुपये की सीमा का प्रावधान बताया गया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने भी कहा है कि बहुत मामूली शुल्क से डिजिटल पेमेंट के वॉल्यूम पर बड़ा असर पड़ने की उम्मीद नहीं है।
MDR को लेकर व्यापारियों का विरोध
UPI पर MDR लागू करने के प्रस्ताव को लेकर व्यापारियों की ओर से लगातार विरोध किया जा रहा है। व्यापारी संगठनों ने 2 अक्टूबर को कई हिस्सों में ‘नो UPI डे’ भी मनाया था। उनका तर्क है कि MDR लागू होने से डिजिटल भुगतान की लागत बढ़ सकती है और इसका असर कारोबार पर पड़ सकता है।
सुप्रीम कोर्ट में भी मामला पहुंचा
UPI MDR का मामला कानूनी चुनौती के बीच भी है। 28 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के उस फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था, जिसके तहत व्यक्ति-से-व्यापारी लेनदेन पर MDR लागू करने का प्रावधान किया गया था। हालांकि, अदालत ने वित्त मंत्रालय, आरबीआई और NPCI को अपना जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया था। ऐसे में MDR की नई तारीख को लेकर अंतिम निर्णय का इंतजार है।