उत्तर प्रदेश के सभी पॉलीटेक्निक संस्थानों में छात्रों को तनावमुक्त रखने और उनकी प्रतिभा निखारने के लिए 15-15 हॉबी क्लब बनाए जाएंगे। इनमें योग, साहित्य, संगीत, नृत्य, नाटक, खेल और सामाजिक गतिविधियों के साथ AI, कोडिंग, रोबोट निर्माण, साइबर सुरक्षा, एथिकल हैकिंग और ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसी गतिविधियां भी शामिल होंगी।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सभी पॉलीटेक्निक संस्थानों में छात्रों को तनावमुक्त रखने और उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए 15-15 हॉबी क्लबों का गठन किया जाएगा। इन क्लबों के जरिए विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ योग, साहित्य, संगीत, नृत्य, नाटक, खेल और सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
AI, रोबोटिक्स और ड्रोन टेक्नोलॉजी पर भी फोकस
हॉबी क्लबों में पारंपरिक गतिविधियों के साथ आधुनिक तकनीक से जुड़ी गतिविधियां भी आयोजित होंगी। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कोडिंग, रोबोट निर्माण, साइबर सुरक्षा, एथिकल हैकिंग और ड्रोन टेक्नोलॉजी शामिल हैं। इसका उद्देश्य छात्रों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना तथा पढ़ाई से जुड़े तनाव को कम करना है।
नेतृत्व और रचनात्मक क्षमता को मिलेगा बढ़ावा
इन क्लबों के माध्यम से विद्यार्थियों में टीम वर्क, नेतृत्व क्षमता, संचार कौशल, एकाग्रता और रचनात्मक सोच विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। इससे छात्रों के व्यक्तित्व विकास के साथ उनके शैक्षिक प्रदर्शन में भी सुधार होने की उम्मीद है।
हर क्लब में होंगे मेंटर और समन्वयक
व्यवस्था के तहत प्रत्येक हॉबी क्लब में एक छात्र समन्वयक नियुक्त किया जाएगा। इसके अलावा संस्थान के एक शिक्षक को फैकल्टी मेंटर की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, जो क्लब की गतिविधियों की निगरानी और आयोजन करेंगे। प्रत्येक क्लब में कम से कम एक बाहरी मेंटर की नियुक्ति भी अनिवार्य होगी।
इस पहल से पॉलीटेक्निक छात्रों को तकनीकी शिक्षा के साथ अपनी रुचि और कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा।