तुर्किये की यात्रा से लौटते समय अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अचानक अपना विमान बदल दिया, जिसके बाद इस फैसले को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उड़ान के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले निर्धारित विमान में तकनीकी और सुरक्षा संबंधी आशंकाओं के चलते एहतियातन दूसरा विमान उपलब्ध कराया गया। इसके बाद राष्ट्रपति ने लगभग 30 साल पुराने एक बैकअप विमान से अपनी यात्रा पूरी की। हालांकि इस बदलाव के बावजूद उनकी यात्रा सुरक्षित और तय कार्यक्रम के अनुसार पूरी हुई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति की सुरक्षा से जुड़े अधिकारी किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहते थे। इसी कारण संभावित तकनीकी समस्या की आशंका के बीच विमान बदलने का फैसला लिया गया। राष्ट्रपति के लिए उपयोग किए जाने वाले बैकअप विमान का रखरखाव नियमित रूप से किया जाता है और वह आवश्यक सुरक्षा मानकों पर पूरी तरह खरा उतरता है। इसलिए उसकी उम्र अधिक होने के बावजूद उसे सुरक्षित माना जाता है।
इस घटना के बाद विमान की तकनीकी स्थिति और राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि अमेरिकी प्रशासन की ओर से इसे एक एहतियाती कदम बताया गया है और स्पष्ट किया गया है कि यात्रा के दौरान किसी भी यात्री की सुरक्षा से समझौता नहीं किया गया। विशेषज्ञों का भी मानना है कि वीवीआईपी यात्राओं में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है और ऐसी परिस्थितियों में बैकअप विमान का उपयोग एक सामान्य सुरक्षा प्रक्रिया का हिस्सा होता है।








