बिहार सरकार ने कृषि अवशेष (पराली) और अन्य जैविक कचरे से बिजली उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अहम कदम उठाया है। नई नीति के तहत ऐसे संयंत्रों में तैयार होने वाली बिजली सरकार तय दर पर खरीदेगी। इस पहल का उद्देश्य किसानों की अतिरिक्त आय बढ़ाने के साथ-साथ पराली जलाने की समस्या पर भी रोक लगाना है।
सरकार का मानना है कि खेतों में बची पराली और जैविक कचरे का उपयोग ऊर्जा उत्पादन में होने से किसानों को अपनी फसल के अवशेष बेचकर अतिरिक्त कमाई का अवसर मिलेगा। वहीं, पर्यावरण को भी फायदा होगा क्योंकि खुले में पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण में कमी आने की उम्मीद है। इससे राज्य में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।
नई व्यवस्था के तहत सरकार बायोमास और कृषि अपशिष्ट से उत्पादित बिजली को ₹8.17 प्रति यूनिट की दर से खरीदने की तैयारी में है। इस फैसले से बायोमास आधारित बिजली परियोजनाओं को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ किसानों, निवेशकों और ऊर्जा क्षेत्र को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।







