छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, उसने लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अपने बयान में केजरीवाल ने कहा कि “सरकार ने अंग्रेजों को भी पीछे छोड़ दिया।”

केजरीवाल ने कहा कि छात्रों की आवाज को बल प्रयोग से दबाने के बजाय उनकी मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का सम्मान करने की बात कही और सरकार से पूरे मामले पर जवाब देने की मांग की। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है।

छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और सार्वजनिक हस्तियों की लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। वहीं, प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। मामले को लेकर राजनीतिक बहस और कानूनी प्रक्रिया दोनों जारी हैं।