शेयर बाजार में आने वाले महीनों में IPO की बाढ़ आ सकती है। बाजार नियामक SEBI ने 145 कंपनियों के IPO को मंजूरी दे दी है। प्राइम डेटाबेस के आंकड़ों के मुताबिक 25 सितंबर तक इन IPO का कुल प्रस्तावित आकार करीब 2.75 लाख करोड़ रुपये है। इनमें 61 कंपनियां ऐसी हैं, जिन्होंने अपने IPO का आकार नहीं बताया है, उनसे करीब 91,500 करोड़ रुपये जुटाने का अनुमान है।
हालांकि बाजार के जानकारों का अनुमान है कि इनमें से करीब 35 से 45 प्रतिशत यानी 1 से 1.2 लाख करोड़ रुपये के IPO ही वास्तव में बाजार में आएंगे।

कतार में बड़े नाम
- जियो प्लेटफॉर्म्स: करीब 35,000 करोड़ रुपये
- अवाडा इलेक्ट्रो: करीब 7,600 करोड़ रुपये
- ओयो: करीब 6,650 करोड़ रुपये
- जेप्टो: करीब 5,106 करोड़ रुपये
- क्रेडिला फाइनेंशियल सर्विसेज: करीब 5,000 करोड़ रुपये
पहली छमाही में सुस्ती, सितंबर में तेजी
अप्रैल से अगस्त के बीच IPO से 46,453 करोड़ रुपये जुटाए गए, जो पिछले साल की इसी अवधि के 55,338 करोड़ रुपये से करीब 16 प्रतिशत कम है। लेकिन सितंबर में बाजार में तेजी लौटी और 31 कंपनियों ने IPO से 39,214 करोड़ रुपये जुटाए। इनमें NSE का 22,560 करोड़ रुपये का IPO देश का दूसरा सबसे बड़ा IPO बन गया।



