शनिवार, 3 अक्टूबर 2026
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मेरठ: चलती कार में लगी आग, चाचा-भतीजा झुलसे; अनजान ई-रिक्शा चालक बना फरिश्ता, पहुंचाया अस्पताल

मेरठ में लावड़ रोड पर अझौता मोड़ के पास शुक्रवार को चलती सियाज कार में अचानक आग लग गई। दिल्ली के भजनपुरा निवासी सुरेंद्र और उनके भतीजे सार्थक हाथ और कमर पर झुलस गए। बेहोश हालत में एक ई-रिक्शा चालक उन्हें अस्पताल ले गया। दोनों मोदीनगर के अस्पताल में भर्ती हैं।

म
मुख्य संपादक

2 मिनट मेरठ

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मेरठ: चलती कार में लगी आग, चाचा-भतीजा झुलसे; अनजान ई-रिक्शा चालक बना फरिश्ता, पहुंचाया अस्पताल
मेरठ — प्रतीकात्मक फोटो: Whispyhistory / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)

मेरठ में शुक्रवार को एक चलती कार अचानक आग का गोला बन गई। लावड़ रोड पर अझौता मोड़ के पास हुई इस घटना में कार सवार चाचा और भतीजा झुलस गए। मुश्किल की इस घड़ी में एक अनजान ई-रिक्शा चालक दोनों के लिए फरिश्ता बनकर आया और उन्हें अस्पताल पहुंचाया।

दिल्ली के भजनपुरा निवासी सुरेंद्र अपने भतीजे सार्थक के साथ सियाज कार से जा रहे थे। रास्ते में कार में अचानक आग लग गई। दोनों किसी तरह कार से बाहर निकले, लेकिन इस दौरान उनके हाथ और कमर बुरी तरह झुलस गए और वे बेहोश हो गए।

मेरठ (प्रतीकात्मक)
मेरठ (प्रतीकात्मक) — प्रतीकात्मक फोटो: Anshumalii / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)

ई-रिक्शा चालक ने दिखाई इंसानियत

वहां से गुजर रहे एक ई-रिक्शा चालक ने दोनों को बेहोश पड़ा देखा तो उन्हें अपने ई-रिक्शा में लादा और अस्पताल पहुंचाया। पहले उन्हें पास के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, बाद में बेहतर इलाज के लिए मोदीनगर के एसडीएस अस्पताल भेजा गया। दोनों का इलाज चल रहा है। परिवार उस ई-रिक्शा चालक का नाम तक नहीं जानता, जिसने उनकी जान बचाई।

आग लगने की वजह का अभी पता नहीं चल सका है। सीओ दौराला शिव ठाकुर के मुताबिक पुलिस मामले की जांच कर रही है।

कार में आग से बचाव के लिए जरूरी बातें

  • गाड़ी की वायरिंग और फ्यूल लाइन की नियमित सर्विस कराएं, बाहर से CNG किट या एक्सेसरी अप्रमाणित दुकान से न लगवाएं
  • कार में छोटा अग्निशमन यंत्र रखें
  • बोनट से धुआं या जलने की गंध आए तो तुरंत गाड़ी किनारे रोकें, इंजन बंद करें और सबको बाहर निकालें
  • सीट बेल्ट काटने और शीशा तोड़ने का औजार कार में रखें

हादसे में घायलों की मदद करने वाले 'गुड समैरिटन' को कानूनन किसी पुलिस पूछताछ या अस्पताल खर्च के लिए परेशान नहीं किया जा सकता। इसलिए घायलों की मदद के लिए बेझिझक आगे आएं।

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