दो पदक लेकर लौटीं पारुल चौधरी का मेरठ में भव्य स्वागत, काशी टोल से गांव तक जुलूस
एशियन गेम्स 2026 में 5000 मीटर और 3000 मीटर स्टीपलचेज में कांस्य पदक जीतने वाली मेरठ की पारुल चौधरी शुक्रवार सुबह जापान से लौटीं। परतापुर के काशी टोल प्लाजा पर फूल-मालाओं से स्वागत हुआ और जुलूस उनके गांव इकलौता तक गया। 2023 में उन्होंने 5000 मीटर में गोल्ड जीता था।
धाविका पारुल चौधरी (फाइल फोटो) — प्रतीकात्मक फोटो: Odisha Games 2017 were cc by sa - Organised by Asian Athleti / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)
एशियन गेम्स 2026 में देश के लिए दो पदक जीतकर लौटीं मेरठ की बेटी पारुल चौधरी का शुक्रवार को जोरदार स्वागत हुआ। जापान से लौटकर पारुल सुबह मेरठ पहुंचीं, तो परतापुर स्थित काशी टोल प्लाजा पर उन्हें फूल-मालाओं और गुलदस्तों से लाद दिया गया। यहां से जुलूस के रूप में उन्हें उनके गांव इकलौता ले जाया गया, जहां स्वागत समारोह रखा गया।
पारुल ने इस एशियन गेम्स में 5000 मीटर दौड़ और 3000 मीटर स्टीपलचेज, दोनों में कांस्य पदक जीते हैं।
पारुल लगातार दो एशियन गेम्स में पदक जीतने वाली खिलाड़ी बन गई हैं। 2023 के एशियन गेम्स में उन्होंने 5000 मीटर में स्वर्ण और 3000 मीटर स्टीपलचेज में कांस्य पदक जीता था। इस तरह दो एशियन गेम्स में उनके कुल चार पदक हो गए हैं। उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित कर चुकी हैं।
कौन-कौन पहुंचा स्वागत करने
उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम
कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम के खेल विभाग के अधिकारी
एथलेटिक्स कोच गौरव त्यागी
परिवार के सदस्य और गांव के लोग
पारुल के पदक
एशियन गेम्स 2026: 5000 मीटर कांस्य, 3000 मीटर स्टीपलचेज कांस्य
एशियन गेम्स 2023: 5000 मीटर स्वर्ण, 3000 मीटर स्टीपलचेज कांस्य
गांव की कच्ची पगडंडियों पर दौड़कर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने वाली पारुल आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश की हजारों लड़कियों के लिए प्रेरणा हैं। मेरठ में इसी दिन पुलिस ने गांधी जयंती पर पुलिस लाइन में कार्यक्रम किया और मुठभेड़ में गोली लगने के बावजूद डटे रहे सब इंस्पेक्टर मुन्नेश सिंह को राष्ट्रपति के वीरता पदक से सम्मानित किए जाने की खबर भी आई।