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RBI पॉलिसी 7 अक्टूबर को: क्या महंगी होगी होम लोन की EMI? 0.25% रेपो रेट बढ़ने के आसार

भारतीय रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक 5 से 7 अक्टूबर तक होगी। बढ़ती महंगाई, कच्चे तेल और रुपये पर दबाव के बीच ज्यादातर अर्थशास्त्री रेपो रेट 5.25% से बढ़ाकर 5.50% किए जाने की उम्मीद कर रहे हैं, जिससे लोन की EMI बढ़ सकती है।

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मुख्य संपादक

2 मिनट मुंबई

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RBI पॉलिसी 7 अक्टूबर को: क्या महंगी होगी होम लोन की EMI? 0.25% रेपो रेट बढ़ने के आसार
भारतीय रिज़र्व बैंक — प्रतीकात्मक फोटो: User:Deepak / Wikimedia Commons (CC BY-SA 3.0)

होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन चुका रहे लोगों की नजर अब भारतीय रिज़र्व बैंक की अगली बैठक पर है। RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक 5 से 7 अक्टूबर तक होगी और 7 अक्टूबर को फैसले का ऐलान होगा। इस बार ज्यादातर अर्थशास्त्री मान रहे हैं कि RBI ब्याज दरें बढ़ा सकता है।

RBI ने पिछली चार समीक्षाओं में रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखा है। अगर इस बार 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है, तो रेपो रेट 5.50 प्रतिशत हो जाएगा।

सर्वे क्या कह रहे हैं

  • रॉयटर्स के एक सर्वे में करीब 60 प्रतिशत अर्थशास्त्रियों ने 0.25% बढ़ोतरी की उम्मीद जताई
  • बिजनेस स्टैंडर्ड के सर्वे में 10 में से 8 जानकारों ने दर बढ़ने की संभावना बताई
  • SBI रिसर्च ने भी महंगाई और रुपये पर दबाव को देखते हुए 0.25% बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है

दर बढ़ाने की नौबत क्यों

अगस्त 2026 में खुदरा महंगाई दर 4.82 प्रतिशत रही, जो RBI के 4 प्रतिशत के मध्यम अवधि के लक्ष्य से काफी ऊपर है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, रुपये पर दबाव और वैश्विक अनिश्चितता ने भी महंगाई का खतरा बढ़ाया है। त्योहारों से पहले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम भी बढ़े हैं। ऐसे में RBI पर महंगाई काबू में रखने का दबाव है।

आपकी जेब पर क्या असर

रेपो रेट वह दर है, जिस पर बैंक RBI से कर्ज लेते हैं। यह बढ़ने पर बैंक भी अपने कर्ज महंगे कर देते हैं। रेपो से जुड़े होम लोन की ब्याज दर 0.25% बढ़ने पर 50 लाख रुपये के 20 साल के लोन की EMI करीब 750 से 800 रुपये महीना तक बढ़ सकती है। दूसरी ओर, फिक्स्ड डिपॉजिट कराने वालों को आगे थोड़ा बेहतर ब्याज मिल सकता है।

लोन लेने वाले क्या करें

अगर आपके पास अतिरिक्त पैसा है, तो लोन का कुछ हिस्सा पहले चुकाने (प्री-पेमेंट) पर विचार करें, इससे बढ़ी ब्याज दर का असर कम होगा। नया लोन लेने से पहले अलग-अलग बैंकों की दरों की तुलना जरूर करें। फैसला 7 अक्टूबर को आएगा, उसके बाद ही बैंक अपनी नई दरें तय करेंगे।

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