होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन चुका रहे लोगों की नजर अब भारतीय रिज़र्व बैंक की अगली बैठक पर है। RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक 5 से 7 अक्टूबर तक होगी और 7 अक्टूबर को फैसले का ऐलान होगा। इस बार ज्यादातर अर्थशास्त्री मान रहे हैं कि RBI ब्याज दरें बढ़ा सकता है।
RBI ने पिछली चार समीक्षाओं में रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखा है। अगर इस बार 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है, तो रेपो रेट 5.50 प्रतिशत हो जाएगा।
सर्वे क्या कह रहे हैं
- रॉयटर्स के एक सर्वे में करीब 60 प्रतिशत अर्थशास्त्रियों ने 0.25% बढ़ोतरी की उम्मीद जताई
- बिजनेस स्टैंडर्ड के सर्वे में 10 में से 8 जानकारों ने दर बढ़ने की संभावना बताई
- SBI रिसर्च ने भी महंगाई और रुपये पर दबाव को देखते हुए 0.25% बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है
दर बढ़ाने की नौबत क्यों
अगस्त 2026 में खुदरा महंगाई दर 4.82 प्रतिशत रही, जो RBI के 4 प्रतिशत के मध्यम अवधि के लक्ष्य से काफी ऊपर है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, रुपये पर दबाव और वैश्विक अनिश्चितता ने भी महंगाई का खतरा बढ़ाया है। त्योहारों से पहले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम भी बढ़े हैं। ऐसे में RBI पर महंगाई काबू में रखने का दबाव है।



