RBI ने रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर इसे 5.50% कर दिया है। इसके बाद PNB, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक समेत कई बैंकों ने अपनी रेपो-लिंक्ड लेंडिंग दरें बढ़ा दी हैं, जिससे फ्लोटिंग रेट वाले होम, कार, पर्सनल और अन्य लोन महंगे हो सकते हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद कई बैंकों ने अपनी लोन की ब्याज दरें बढ़ा दी हैं। पंजाब नेशनल बैंक (PNB), इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक समेत कई बैंकों ने रेपो से जुड़ी अपनी बेंचमार्क लेंडिंग रेट में 0.25 प्रतिशत तक की वृद्धि की है। इसका सीधा असर इन बैंकों से जुड़े नए और फ्लोटिंग रेट वाले लोन ग्राहकों पर पड़ सकता है।
5.50 प्रतिशत हुआ रेपो रेट
RBI ने बुधवार को रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर इसे **5.50 प्रतिशत** कर दिया। लंबे अंतराल के बाद हुई इस बढ़ोतरी के बीच महंगाई और रुपये में कमजोरी जैसे मुद्दे भी चर्चा में रहे। रेपो रेट वह दर है जिस पर RBI वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकालिक धन उपलब्ध कराता है। इसमें बढ़ोतरी होने पर बैंकों की फंडिंग लागत बढ़ सकती है और इसका असर लोन की ब्याज दरों पर पड़ सकता है।
PNB ने RLLR बढ़ाकर 8.35 प्रतिशत किया
RBI के फैसले के बाद **पंजाब नेशनल बैंक (PNB)** ने अपनी रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) को 8.10 प्रतिशत से बढ़ाकर **8.35 प्रतिशत** कर दिया है। नई दर 8 अक्टूबर से लागू हो गई है।
हालांकि, बैंक ने स्पष्ट किया है कि उसकी **MCLR और बेस रेट में कोई बदलाव नहीं** किया गया है। इसका मतलब है कि हर तरह के लोन की ब्याज दर पर एक जैसा असर होना जरूरी नहीं है।
इंडियन बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा की दरें भी बढ़ीं
इंडियन बैंक ने अपनी रेपो बेस्ड लेंडिंग रेट (RBLR) को 7.95 प्रतिशत से बढ़ाकर **8.20 प्रतिशत** कर दिया है। नई दर 8 अक्टूबर से प्रभावी है।
वहीं बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपनी रेपो आधारित ऋण दर को 7.90 प्रतिशत से बढ़ाकर **8.15 प्रतिशत** कर दिया है।
इसके अलावा **बैंक ऑफ इंडिया** और **इंडियन ओवरसीज बैंक** ने भी अपनी रेपो आधारित लेंडिंग रेट को बढ़ाकर **8.35 प्रतिशत** कर दिया है। इन बैंकों की नई दरें भी 8 अक्टूबर से लागू हुई हैं।
प्राइवेट बैंक ने भी बढ़ाई ब्याज दर
प्राइवेट सेक्टर के **तमिलनाड मर्केंटाइल बैंक** ने भी अपनी रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट को 8.25 प्रतिशत से बढ़ाकर **8.50 प्रतिशत** कर दिया है।
RBI के फैसले के बाद आने वाले दिनों में दूसरे बैंक और वित्तीय संस्थान भी अपनी बेंचमार्क लेंडिंग दरों में बदलाव कर सकते हैं।
लोन लेने वालों पर क्या होगा असर?
रेपो रेट बढ़ने के बाद बैंकों के लिए RBI से मिलने वाला पैसा महंगा हो जाता है। इसका असर खासतौर पर उन ग्राहकों पर पड़ सकता है जिनका लोन **रेपो से जुड़ी फ्लोटिंग ब्याज दर** पर है।
ऐसे ग्राहकों की EMI बढ़ सकती है या लोन की अवधि बढ़ सकती है। हालांकि, वास्तविक असर लोन के प्रकार, बैंक की ब्याज दर और ग्राहक के लोन एग्रीमेंट पर निर्भर करेगा। वहीं फिक्स्ड रेट वाले लोन पर तत्काल असर जरूरी नहीं है।
इसलिए नया होम लोन, कार लोन या अन्य फ्लोटिंग रेट वाला कर्ज लेने से पहले बैंक की नई ब्याज दर और EMI की गणना जरूर जांचना फायदेमंद रहेगा।