भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने महंगाई पर काबू के लिए ब्याज दरें बढ़ा दी हैं। गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने 7 अक्टूबर को रेपो रेट 25 बेसिस पॉइंट यानी 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 5.5 प्रतिशत कर दिया। फरवरी 2023 के बाद यह पहली बढ़ोतरी है।
रुख बदला, कटौती की उम्मीद खत्म
RBI ने अपना रुख बदलकर ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ कर दिया है। यानी निकट भविष्य में दरों में कटौती की संभावना नहीं है और आगे या तो दरें बढ़ेंगी या स्थिर रहेंगी। 2025 में रेपो रेट कुल 1.25 प्रतिशत घटाकर 6.5 से 5.25 प्रतिशत किया गया था।
क्यों बढ़ाई गई दर
- महंगाई का दबाव कई क्षेत्रों में फैल रहा है
- कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर
- कमजोर रुपया आयात को महंगा कर रहा है
- वैश्विक और भू-राजनीतिक जोखिम
नए अनुमान
RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए महंगाई का अनुमान 5.0 से बढ़ाकर 5.2 प्रतिशत और जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6.7 से बढ़ाकर 7.1 प्रतिशत कर दिया है। गवर्नर ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद घरेलू आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं।




