सुल्तानपुर के पयागीपुर में बनेगा 90 फुट ऊंचा कोलकाता शैली का दुर्गा पंडाल
सुल्तानपुर के पयागीपुर चौराहे पर इस बार दुर्गा पूजा में कोलकाता शैली का 90 फुट ऊंचा भव्य पंडाल बनेगा। झारखंड के कारीगर करीब पांच लाख रुपये की लागत से इसे तैयार कर रहे हैं। 1975 में शुरू हुई यह पूजा अब 51 साल पूरे कर रही है।
सुल्तानपुर की दुर्गा पूजा पूरे प्रदेश में मशहूर है और इस बार पयागीपुर चौराहे का पंडाल खास आकर्षण बनने जा रहा है। यहां कोलकाता के भव्य पंडालों की तर्ज पर 90 फुट ऊंचा दरबार सजाया जाएगा। पंडाल बनाने के लिए झारखंड से कारीगर बुलाए गए हैं और इस पर करीब पांच लाख रुपये खर्च होंगे।
पंडाल में मां विंध्यवासिनी के साथ भगवान कार्तिकेय, मां सरस्वती, मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमाएं विराजेंगी। पूरे पंडाल को आकर्षक बिजली की सजावट से रोशन किया जाएगा।
दुर्गा पूजा पंडाल (प्रतीकात्मक) — प्रतीकात्मक फोटो: Indrajit Das / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)
51 साल पुरानी परंपरा
पयागीपुर चौराहे पर दुर्गा पूजा की शुरुआत 1975 में भोलानाथ पाठक ने की थी। तब से यह परंपरा लगातार 51 साल से चल रही है। यह जगह राम वनगमन मार्ग पर पड़ती है, जो अयोध्या जाने वाले श्रद्धालुओं का रास्ता है, इसलिए यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी काफी रहती है।
पूजा के दौरान रोज पूजा-अर्चना, सुंदरकांड पाठ और भव्य आरती होगी। श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा। शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से शुरू होंगे और 20 अक्टूबर को विजयादशमी है।
पंडाल घूमने जाएं तो
सुल्तानपुर की दुर्गा पूजा में रात को भारी भीड़ उमड़ती है। बच्चों का हाथ पकड़कर रखें, कीमती सामान और मोबाइल संभालकर रखें और वाहन तय पार्किंग में ही खड़ा करें। भीड़ से बचना चाहते हैं तो शाम से पहले दर्शन कर लें।