दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को प्रस्तावित CJP प्रदर्शन से पहले राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती के साथ कई मेट्रो स्टेशनों और सड़कों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं।
नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार, 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। प्रदर्शन को आम आदमी पार्टी (AAP) ने समर्थन दिया है। इस बीच AAP सांसद संजय सिंह अरविंद केजरीवाल के आवास पर पहुंचे और दिल्ली के हालात को लेकर केंद्र सरकार तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि एक कथित वोट चोर को बचाने के लिए देश में आपातकाल से भी ज्यादा खराब स्थिति पैदा कर दी गई है।
संजय सिंह बोले- तानाशाही से नहीं चलेगा देश
AAP सांसद संजय सिंह ने कहा कि देश किसी की तानाशाही या हिटलरशाही से नहीं चल सकता। उन्होंने CJP के प्रदर्शन को लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकार बताते हुए लोगों से जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की। संजय सिंह ने सवाल उठाया कि जब नागरिकों को विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है, तो उन्हें जंतर-मंतर जाने से कैसे रोका जा सकता है? उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि लोगों को दबाने की कोशिश करने से जनता का आक्रोश और बढ़ सकता है। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा।
आतिशी ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और AAP नेता आतिशी ने प्रदर्शन को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर सुरक्षा बलों की तैनाती और प्रतिबंधात्मक कदम उठाए जाने का दावा किया। उनके अनुसार, दिल्ली में 45 मेट्रो स्टेशन बंद किए गए, 45 हजार पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए तथा हजारों लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया। आतिशी ने बाजार बंद होने और इंटरनेट सेवाएं बाधित किए जाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए इतनी बड़ी व्यवस्था क्यों की गई। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
दिल्ली पुलिस ने करीब 500 लोगों को हिरासत में लिया
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, अलग-अलग स्थानों से समूहों में आ रहे करीब 500 लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने यह भी बताया कि कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के मद्देनजर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले करीब 50 लोगों को पकड़ा गया है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत नई दिल्ली को 20 जोन में बांटा गया और प्रत्येक जोन के लिए एक डिटेंशन सेंटर बनाया गया। पुलिस के अनुसार, दिल्ली के स्टेडियमों में भी हिरासत में लिए गए लोगों को रखने के लिए व्यवस्था की गई।
चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर बढ़ा राजनीतिक टकराव
CJP का प्रस्तावित प्रदर्शन चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इस मुद्दे पर AAP के समर्थन के बाद केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर AAP नेताओं ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए उठाए गए कदमों पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा इंतजाम किए जाने की बात कही है।
फिलहाल, दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था, मेट्रो सेवाओं और प्रदर्शनकारियों की हिरासत को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। इस पूरे घटनाक्रम में एक तरफ विरोध प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार का सवाल उठ रहा है, तो दूसरी तरफ प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है। आने वाले समय में इस मामले पर सरकार, पुलिस और संबंधित पक्षों के रुख से स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।