रविवार, 4 अक्टूबर 2026
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लखनऊ: स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक का आवास घेरने पहुंचे एंबुलेंस कर्मी, पुलिस ने हिरासत में लिया

मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे 108 और 102 एंबुलेंस कर्मचारी सुबह करीब 9 बजे उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के आवास पर पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर बसों से इको गार्डन धरना स्थल भेज दिया।

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2 मिनट लखनऊ

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राजधानी लखनऊ में अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे 108 और 102 एंबुलेंस सेवा के कर्मचारी शनिवार सुबह अचानक उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के सरकारी आवास पर पहुंच गए। सुबह करीब 9 बजे बड़ी संख्या में पहुंचे कर्मचारियों ने आवास के बाहर नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया।

पुलिस ने बसों में बैठाकर इको गार्डन भेजा

प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारी कर्मचारियों को हिरासत में लिया और सरकारी बसों में बैठाकर तय धरना स्थल इको गार्डन भेज दिया। मौके पर काफी देर तक गहमागहमी बनी रही।

स्वास्थ्य मंत्री आवास से हिरासत में लेकर बस से ले जाए जाते एंबुलेंस कर्मी
अपनी मांगों के बारे में बताते एंबुलेंस कर्मचारी — फोटो: लोकतंत्र लाइव टीवी

लगातार दूसरे दिन प्रदर्शन

यह एंबुलेंस कर्मचारियों का लगातार दूसरे दिन का बड़ा प्रदर्शन था। इससे एक दिन पहले 2 अक्टूबर को भी 108 और 102 एंबुलेंस कर्मचारियों ने भाजपा प्रदेश कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था, तब भी पुलिस ने उन्हें इको गार्डन भेज दिया था। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर गुहार लगा रहे हैं, लेकिन शासन और एंबुलेंस सेवा चलाने वाली कार्यदायी संस्था उनकी सुनवाई नहीं कर रही है।

कर्मचारियों का क्या कहना है

  • लंबित मांगों पर अब तक कोई ठोस फैसला नहीं हुआ है।
  • कर्मचारियों का दावा है कि करीब 9 हजार लोगों की नौकरी चली गई है।
  • उनका कहना है कि सुनवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

राजधानी में लगातार हो रहे इन प्रदर्शनों के बीच अब सबकी नजर इस पर है कि स्वास्थ्य विभाग एंबुलेंस कर्मचारियों की मांगों पर क्या रुख अपनाता है। एंबुलेंस सेवा आपात स्थिति में मरीजों की जीवनरेखा है, इसलिए यह मुद्दा आम लोगों से भी सीधे जुड़ा है।

संवाददाता: राजकिशोर बारी, लखनऊ

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