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सुल्तानपुर: पुल निर्माण का मलबा न हटने से नाला जाम, सैकड़ों बीघा धान की फसल डूबी

सुल्तानपुर के जयसिंहपुर क्षेत्र में बरौंसा-वीरसिंहपुर मार्ग पर पुल बनने के बाद अस्थायी रास्ते की मिट्टी और शटरिंग न हटने से कूरेभार-मझुई नाला जाम हो गया। तीन दिन की बारिश के बाद 11 गांवों के सैकड़ों बीघा धान के खेत डूब गए हैं।

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मुख्य संपादक

1 मिनट सुल्तानपुर

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सुल्तानपुर: पुल निर्माण का मलबा न हटने से नाला जाम, सैकड़ों बीघा धान की फसल डूबी
प्रतीकात्मक फोटो: Radosław Botev / Wikimedia Commons (CC BY 3.0 pl)

सुल्तानपुर। निर्माण एजेंसी की लापरवाही का खामियाज़ा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। जयसिंहपुर क्षेत्र में बरौंसा-वीरसिंहपुर मार्ग पर पुल बनाने के दौरान पानी निकासी के लिए अस्थायी रास्ता बनाया गया था। पुल चालू हो गया, लेकिन उस रास्ते की मिट्टी, मलबा और पुल के नीचे की शटरिंग नहीं हटाई गई। इससे कूरेभार-मझुई नाला जाम हो गया।

तीन दिन की बारिश, खेतों में भरा पानी

तीन दिन लगातार बारिश होने के बाद नाले से पानी निकल नहीं पाया और आसपास के खेतों में भर गया। इससे सैकड़ों बीघा धान की फसल पानी में डूब गई है।

इन गांवों के किसान परेशान

मोकलपुर, मुंगेर, पलिया, पुरुषोत्तमपुर, जगतपुर, मसीरपुर, नाथापुर, बरसोमा, गंगेव और डोमनपुर समेत 11 गांवों के किसानों के खेत प्रभावित हैं। बरसोमा के नवीन पांडेय का 4 बीघा, मोकलपुर के शीतला प्रसाद कनौजिया का 2 बीघा, ठाकुर प्रसाद पांडेय का 4 बीघा और मसीरपुर के रामफेर वर्मा का 7 बीघा धान पानी में डूबा है।

किसानों को डर है कि अगर जल्द पानी नहीं निकला तो पूरी फसल सड़ जाएगी।

विभाग ने क्या कहा

लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता श्रवण कुमार चौहान ने बताया कि अचानक बारिश होने के कारण पुल के नीचे की शटरिंग नहीं हटाई जा सकी थी। निर्माण एजेंसी को तुरंत रुकावट हटाने के निर्देश दे दिए गए हैं।

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