सुल्तानपुर। निर्माण एजेंसी की लापरवाही का खामियाज़ा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। जयसिंहपुर क्षेत्र में बरौंसा-वीरसिंहपुर मार्ग पर पुल बनाने के दौरान पानी निकासी के लिए अस्थायी रास्ता बनाया गया था। पुल चालू हो गया, लेकिन उस रास्ते की मिट्टी, मलबा और पुल के नीचे की शटरिंग नहीं हटाई गई। इससे कूरेभार-मझुई नाला जाम हो गया।
तीन दिन की बारिश, खेतों में भरा पानी
तीन दिन लगातार बारिश होने के बाद नाले से पानी निकल नहीं पाया और आसपास के खेतों में भर गया। इससे सैकड़ों बीघा धान की फसल पानी में डूब गई है।
इन गांवों के किसान परेशान
मोकलपुर, मुंगेर, पलिया, पुरुषोत्तमपुर, जगतपुर, मसीरपुर, नाथापुर, बरसोमा, गंगेव और डोमनपुर समेत 11 गांवों के किसानों के खेत प्रभावित हैं। बरसोमा के नवीन पांडेय का 4 बीघा, मोकलपुर के शीतला प्रसाद कनौजिया का 2 बीघा, ठाकुर प्रसाद पांडेय का 4 बीघा और मसीरपुर के रामफेर वर्मा का 7 बीघा धान पानी में डूबा है।







