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UPI चार्ज पर अखिलेश यादव का हमला, BJP को बताया ‘चुंगीजीवी’; जानिए नए नियम में किस पर लगेगा शुल्क

नई दिल्ली। UPI के जरिए किए जाने वाले कुछ बड़े व्यापारी भुगतान पर Merchant Discount Rate (MDR) लागू किए जाने के फैसले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आने लगी है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज सांसद अखिलेश यादव ने कारोबारी अश्नीर ग्रोवर का…

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V K Singh

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UPI चार्ज पर अखिलेश यादव का हमला, BJP को बताया ‘चुंगीजीवी’; जानिए नए नियम में किस पर लगेगा शुल्क

नई दिल्ली। UPI के जरिए किए जाने वाले कुछ बड़े व्यापारी भुगतान पर Merchant Discount Rate (MDR) लागू किए जाने के फैसले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आने लगी है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज सांसद अखिलेश यादव ने कारोबारी अश्नीर ग्रोवर का वीडियो शेयर करते हुए केंद्र सरकार और बीजेपी पर निशाना साधा है।

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि बीजेपी UPI भुगतान के जरिए भी कमाई करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने लिखा कि “पेमेंट गेटवे से भी पैसा ऐंठनेवाली भाजपा ‘चुंगीजीवी’ बन गई है।” उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या इस तरह देश की अर्थव्यवस्था को ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाया जाएगा।

क्या है UPI का नया चार्ज?

दरअसल, NPCI ने 15 सितंबर 2026 को नए MDR फ्रेमवर्क की घोषणा की है। इसके तहत 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा Person-to-Merchant (P2M) UPI लेनदेन पर 0.4% MDR लागू होगा। 75,000 रुपये या उससे अधिक के लेनदेन पर MDR की अधिकतम सीमा 300 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन रखी गई है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि यह शुल्क ग्राहक से सीधे नहीं लिया जाना है। वित्त मंत्रालय के अनुसार MDR व्यापारी भुगतान व्यवस्था के भीतर लगाया जाता है और इसे बैंक, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर और UPI ऐप जैसे इकोसिस्टम के भागीदारों के बीच बांटा जाएगा।

क्या आम लोगों का UPI भी महंगा होगा?

सरकारी स्पष्टीकरण के मुताबिक Person-to-Person (P2P) UPI ट्रांजैक्शन पूरी तरह मुफ्त रहेंगे, चाहे रकम कितनी भी हो। इसके अलावा 2,000 रुपये तक के व्यापारी भुगतान भी शुल्क से बाहर रहेंगे। सरकार का कहना है कि लगभग 96% P2M लेनदेन इस बदलाव से प्रभावित नहीं होंगे। (

छोटे कारोबारियों को भी कुछ राहत दी गई है। UPI QR के जरिए प्रति माह 1 लाख रुपये तक प्राप्त करने वाले पात्र छोटे व्यापारियों के लिए MDR से छूट जारी रहेगी।

कुछ जरूरी सेवाओं के लिए अलग नियम

रेलवे, टेलीकॉम, बीमा, ईंधन और कुछ अन्य आवश्यक क्षेत्रों में 2,000 रुपये से अधिक के भुगतान पर 5 रुपये का फ्लैट MDR निर्धारित किया गया है। वहीं म्यूचुअल फंड, सिक्योरिटीज, स्टॉकब्रोकर और डीलर से जुड़े कैपिटल मार्केट भुगतान के लिए 0.02% MDR का प्रावधान है, जिसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये है।

सरकार ने क्या कहा?

केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि MDR टैक्स नहीं है और इसे सरकार या NPCI द्वारा राजस्व के रूप में नहीं वसूला जाएगा। सरकार के मुताबिक इसका उद्देश्य UPI इकोसिस्टम के संचालन और विस्तार से जुड़े खर्चों को बनाए रखना है।

वहीं, इस फैसले को लेकर विपक्षी नेताओं की ओर से सवाल उठाए गए हैं। अखिलेश यादव ने इसी मुद्दे पर अश्नीर ग्रोवर का वीडियो शेयर करते हुए केंद्र सरकार पर राजनीतिक हमला किया है। ऐसे में 15 अक्टूबर से लागू होने वाला नया MDR फ्रेमवर्क आने वाले दिनों में डिजिटल भुगतान और व्यापारियों की लागत को लेकर चर्चा का विषय बना रह सकता है।

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