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गोरखपुर में साइबर ठगी की रकम USDT में बदलने के आरोप में गिरफ्तारी, 34 बैंक खातों की जांच

गोरखपुर में साइबर ठगी मामले में एक और गिरफ्तारी की रिपोर्ट। 4.09 करोड़ रुपये से जुड़ी शिकायतें, पुलिस के आरोप और शिकायत का तरीका जानिए।

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मुख्य संपादक

3 मिनट गोरखपुर

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गोरखपुर में साइबर ठगी की रकम USDT में बदलने के आरोप में गिरफ्तारी, 34 बैंक खातों की जांच
कंप्यूटर कीबोर्ड की प्रतीकात्मक वास्तविक फोटो; गिरफ्तार व्यक्ति या पुलिस कार्रवाई की तस्वीर नहीं। फोटो: Colin / Wikimedia Commons; CC BY-SA 4.0।

लोकतंत्र लाइव टीवी न्यूज़ डेस्क | 11 अक्टूबर 2026

गोरखपुर। साइबर ठगी और निवेश-ट्रेडिंग के नाम पर प्राप्त रकम को USDT में बदलने के आरोप में चिलुआताल पुलिस ने एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। हिन्दुस्तान की 11 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार गिरफ्तारी शनिवार को हुई। पुलिस ने आरोपित की पहचान गगहा क्षेत्र निवासी गोविन्द वर्मा के रूप में बताई है।

पुलिस ने किन लेनदेन का उल्लेख किया?

रिपोर्ट में पुलिस के हवाले से गिरोह से जुड़े 34 म्यूल बैंक खातों के संबंध में 14 राज्यों की शिकायतों का उल्लेख है। इन शिकायतों में रकम लगभग 4.09 करोड़ रुपये बताई गई है। इसे पूरी राशि की बरामदगी या किसी एक व्यक्ति के खाते से मिली रकम नहीं समझना चाहिए। पुलिस का दावा है कि संबंधित खातों से रकम को आगे भेजा जा रहा था।

पुलिस ने 2.51 लाख रुपये नकद, दो लैपटॉप, एक मोबाइल और तीन एटीएम कार्ड बरामद होने का दावा किया है। आरोप है कि रकम USDT में बदलकर विदेशी वॉलेट में भेजी जाती थी।

बैंक खातों के इस्तेमाल पर क्या आरोप है?

पुलिस का आरोप है कि लोगों से कमीशन के बदले बैंक खाते लिए जाते थे। गिरफ्तारी दोषसिद्धि नहीं है। उपलब्ध रिपोर्ट में आरोपित का पक्ष नहीं है; अदालत में आरोपों का परीक्षण अलग प्रक्रिया है।

शिकायत और बरामदगी को अलग क्यों समझें?

लोकतंत्र डेस्क के अनुसार ऐसी रिपोर्ट पढ़ते समय कुल शिकायत राशि, किसी खाते में आए लेनदेन और मौके से मिली नकदी को अलग रखना जरूरी है। तीनों आंकड़े अलग प्रश्नों के उत्तर देते हैं। कुल शिकायत राशि देखकर यह मान लेना कि उतना पैसा वापस मिल गया है, पीड़ितों के लिए गलत उम्मीद पैदा कर सकता है।

किसी तकनीक या भुगतान माध्यम का उल्लेख भी सभी उपयोगकर्ताओं को अपराधी साबित नहीं करता। जांच का प्रश्न संबंधित लेनदेन, खाताधारक की भूमिका और रकम के स्रोत से जुड़ा है। इसी वजह से खबर में USDT का उल्लेख पुलिस के आरोप के संदर्भ में किया गया है, किसी निवेश सलाह के रूप में नहीं।

वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत कहां करें?

राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन के आधिकारिक पोर्टल पर साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के लिए 1930 बताया गया है। साधारण उपभोक्ता सेवा विवाद के लिए 1915 अलग सहायता नंबर है। शिकायत करते समय लेनदेन का समय, राशि, संदर्भ संख्या और बातचीत के उपलब्ध रिकॉर्ड व्यवस्थित रखें; भुगतान वापसी की कोई गारंटी नहीं होती।

इस खबर में लगाया गया चित्र कीबोर्ड का प्रतीकात्मक वास्तविक फोटो है। उसमें दिखने वाले हाथ किसी आरोपित के नहीं बताए गए हैं। घटना के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति की फोटो लगाने से गलत पहचान बन सकती है, इसलिए यहां गिरफ्तारी का कृत्रिम दृश्य तैयार नहीं किया गया है।

स्रोत और तस्वीर की जानकारी

यह स्रोत-आधारित डेस्क रिपोर्ट और संदर्भात्मक व्याख्या है, स्वतंत्र घटनास्थल रिपोर्टिंग नहीं। स्रोत: हिन्दुस्तान: पुलिस के हवाले से गिरफ्तारी रिपोर्ट; राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन: साइबर वित्तीय धोखाधड़ी सहायता।

फोटो: Colin; Wikimedia Commons मूल फाइल और विवरण; लाइसेंस: CC BY-SA 4.0। फोटो में कोई संपादकीय बदलाव नहीं किया गया है; वेबसाइट पर आकारानुसार प्रदर्शन हो सकता है। यह संबंधित संस्था का समर्थन या अनुमोदन नहीं दर्शाती।

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